Tuesday, June 6, 2017

शायरी


मै,
कि मेरी रुखसत चले तो कैसे?
जलिम दील दिया जले तो कैसे?
लूट  गए सरे बाजार गमजदाँ हैं
तो प्यार है भी फरेबि गले तो कैसे?
😃
Ashwini
छू ले आसमान जमीन की तलाश ना कर I
जी ले जिन्दगी खुशी की तलाश ना कर I
तकदीर बदल जायेगी खुद ही मेरे दोस्त ..
मुस्कराना सीख ले वजह की तलाश ना कर II
मै,


आशमाँ  इतनी भी, पास नही जमीं का,
एे! जिन्दगी क्या है ?तू, विन लत खुशी का।
क्या खाक वदलेगा, मुर्दे का भी जीवन,
गर मुस्कुराना क्या, फिक्र ? फिर  कमी का।

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